राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
अर्पन कर अपना तन मन दूर नहीं वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
वृंदावनमें जोआता राधावल्लभ दर्शनपाता
शीतल कर अपना तनमन दूर नहीं वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
राधे के जो हुए दीवाने झूमरहे हैं वे मस्ताने
खिलजाए मन का उपवन दूर नहीं वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
राधेराधे मन से गाले जीवन सफल बनाले
करलो हृदय में तुम दर्शन दूर नहीं वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
तेरा मन हो जो पावन मन बनजाए वृंदावन
मन में बस जाएं मोहन दूर नहीं है वृंदावन
राधे राधे गाले मन दूर नहीं है वृंदावन
अर्पण कर अपना तनमन दूर नहीं वृंदावन
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