सब कुछ बदल जाता है यहां

by - January 20, 2020

सब कुछ बदल जाता है यहां
लेख विधि का बदलता नहीं
प्रभू का मान भले टल जाये
भगत का मान कभी टलता नहीं
मीरा हो गयी तेरी दीवानी
एक तारे पे भजन किया
तेरे भगत को चैन से मोहन
राणा ने उसे जीने न दिया
फिर कोई न करता भरोसा
विष अम्रत जो बनता नहीं
प्रभू का मान भले टल जाये .....
भरी सभा में द्रुपद का चीर
दुशासन जब हरने लगा
पांडव कुल की पटरानी की
आँख से आंशू झरने लगा
फिर कोई न करता भरोसा
चीर द्रोपदी का जो बढता नहीं
प्रभू का मान भले टल जाये ......
हे प्रभो तेरे भगत को
मेरा बारम्बार प्रणाम है
वनवारी मैं किस लायक हूँ
देना चरणो में स्थान है
प्रभू से मिलना बड़ा सरल है
भगत प्रभू का मिलता नही
प्रभू का मान भले टल जाये
भगत का मान कभी टलता नहीं


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