पार्वती के प्यारे हे शंकर के नंदन
पार्वती के प्यारे हे शंकर के नंदन
कोटि कोटि प्रणाम तुम्हें जग बंदन
पार्वती के प्यारे है शंकर के नंदन
रिद्धि सिद्धि तेरे साथ विराजे
मूसे की सवारी फरसा साजे
माथे पे तिलक तुम्हारे सोहे
शीश मुकुट सबका मन मोहे
पार्वती के प्यारे हे शंकर के नंदन
सखा मानते हैं हम तुम्हें अपना
सच कर दो सबका हर सपना
कब तक लिखा है हमें तड़पना
तेरे नाम की माला है जपना
पार्वती के प्यारे शंकर के नंदन
विघ्नों के हरता हो तुम
मंगल के दाता हो तुम
भक्तों के लिए तुम हो भगवन
मेरे तो भाग्य विधाता हो तुम
पार्वती के प्यारे शंकर के नंदन
कोटि कोटि प्रणाम तुम्हें जगवंदन
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