तू शबरी जैसी भक्ती कर
तू शबरी जैसी भक्ती कर
प्रभू राम तेरे घर आयेंगें
सच्चा है तेरा प्रेम अगर
खुद आकर दरश दिखायेंगें
मन को करले एेसे निर्मल
जैसे पावन है गंगा जल
तू भज रामा रामा हर पल
ये आज नही तो कल आयेंगें
क्रपा कर देंगें परमेश्वर
तुझपे वो करुणा वर्षायेंगे
तू शबरी जैसी भक्ती कर
तू चित्त से करे अगर चिन्तन
होंगें अगर स्वीकार वन्दन
तेरा मान रखेंगे रघुनन्दन
बन जायेगा अवध तेरा आंगन
राघव तेरी श्रद्धा का चन्दन
अपने मस्तक पर लगायेंगे
तू शबरी जैसी भक्ती कर
सुन लेंगें करुण पुकार प्रभू
आयेंगें एक दिन तेरे द्वार प्रभू
अपने कधों पर ले लेंगे वो
तेरे पापों का भार प्रभू
तू श्री चरणों में झुक जाना
वो झुक कर तुझे उठायेंगे
तू शबरी जैसी भक्ती कर
प्रभू राम तेरे घर आयेंगे
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