मारुतीनंदन की हमसब जय जयकार करें
मारुतीनंदन की हमसब जय जयकार करें
जय जय वजरंगवली जय जय हनुमान
मारुतीनंदन की हमसब जय जयकार करें
शंकर सुमन केसरीनंदन अंजनी के प्यारे
चरणों में करने बंदन आए हम तेरे द्वारे
फल समझा निगलगए सूरजको बचपन में
वही तुम्हारी बाल छवि बसी है मेरे मन में
राम मिलाकर सुग्रीवसे काम बनाए दोनोंके
मेरी भी बिनती सुनलो हार गया मैं रोरो के
सीता का पता लगाया सोनेकी लंका जारी
अबतो मेरी भी सुध लो भक्तन के हितकारी
लक्ष्मणको बाण लगे लाए हिमालयसे बूटी
मेरे भी दुख दूर करो ओ दुख भंजन मारुती
अहिरावण पछाड नागपाश व्यथा टाली
शरणतिहारी मैंआया दयाकरो बजरंगबली
राम सिया के भक्त अनूठे
चीर के छाती दिया प्रमाण
हाथ जोड़ कर मैं करुं वंदना
कृपा करो मुझ पर हे हनुमान
मारुतिनंदन की हमसब जय जयकार करें
जय जय बजरंगबली -जय जय हनुमान
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