तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
मैंने बचपन से तुझको ही जाना है
तेरा मेरा ये रिश्ता बहुत पुराना है
तुझे दिल की हकीकत सुनाता रहूँ
तेरे चरणो मेँ सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मै आता रहूँ
तूने अपना बनाया ये अहसान है
तेरी क्रपा से ही मेरी पहचान है
तेरे भक्तों से मैं प्रेम बढ़ाता रहूँ
तेरे चरणो मेँ सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
क्यो न कहूँ प्रभु मैं धन्यबाद तेरा
तूने अपनी क्रपासे बनाया हर काम मेरा
यूं ही तेरे तराने मैं गाता रहूँ
तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
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