सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
प्रभू के सिवा जगत में कोई नही हमारा
सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
गज ग्राह लड़े जल अन्दर गज ने यही पुकारा
अपनों को मेने पुकारा सब कर गये हैं किनारा
सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
प्रभू के सिवा जगत मैं कोई नही हमारा
दुष्टों ने घेरी थी द्रोपदी विचारी
नग्न उसको करने की थी तैयारी
बस यही नाम द्रोपद ने था पुकारा
सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
प्रभू के सिवा जगत में कोई नही हमारा
यहां कोई नही अपना हर चीज वेगानी है
ये माया भी पगले आनी और जानी है
सब छोड़ के सहारे प्रभू का तू ले सहारा
प्रभू के सिवा जगत में कोई नही हमारा
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