मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा मन मेरा घबराए
मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा मन मेरा घबराए
कालेकाले बादल चमकें बिजली सरपे मड़राए
मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा मन मेरा घबराए
अगर मेरे बस में होता कन्हैया
किनारे लगाता खुद अपनी नैया
जहां जहां रखूँ जैसे जैसे रखूँ
पाँव मेरा फिसलता ही जाए
मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा......
अगर आना है तो आजा कन्हैया
किनारे लगाजा बनके खिवैया
धीरे -धीरे करके थोड़ा थोड़ा करके
वक्त मेरा ये गुजरता जाए
मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा .....
नही आना हो तो खबर भेज देना
हालत उठाके नजर भर देख लेना
कहीं ऐसा न हो तेरे भरोसे
ये दास तेरा देखता ही रह जाये
मेरा हाथ पकड़ लेरे कान्हा .......
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