प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम के बन्धन में मोहन बंध गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से जिसने पुकारा आपको
मेरे मोहन उसीके घर पर रह गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से मीरा ने पुकारा आपको
विष भरे प्याले को अम्रत कर गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
भाव तुलसीदास का पूरा किया
मुरली छोड़ कर धनुर्धारी बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
भात नरसी भक्त का तुमने भरा
व्रन्दावान के सेठ श्यामल बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से परिपूर्ण जिसने दिल दिया
बिक गये बिन दामं चाकर बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम के बन्धन में मोहन बंध गये
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