पधारो राधा संग सरकार
पधारो राधा संग सरकार
खुले हैं मन मन्दिर के द्वार
पधारो राधा संग सरकार
यमुना तट पे दौडी दौडी आऊँ
तेरा दरशन नित प्रति पाऊँ
कर दरशन मैं तेरी प्यारे
पुनि पुनि होत निहाल
पधारो राधा संग सरकार
कब से वाट जोत रही हूँ
तुम संग नेह लगाए रही हूँ
आजा मोहन आजा रसिया
मत करवा अब इंतजार
पधारो राधा संग सरकार
युगल छवि की अंखियां प्यासी
दरशन दे जाओ ओ व्रजवासी
तुम बिन सूना लागे सारा संसार
खुले हैं मन मन्दिर के द्वार
पधारो राधा संग सरकार
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