गौरी के गणेश मेरे गजानन देवा
गौरी के गणेश मेरे गजानन देवा
आपके ही चरणों की रोज करुं सेवा
गौरी के गणेश मेरे गजानन देवा
ऊंचे सिंहासन पर आपको बिठाऊं
चरणों में आपके मस्तक नबाऊं
मोदक का भोग धरुं लड्डू का कलेवा
आपके ही चरणों की रोज करुं सेवा
रिद्धि सिद्धि संग ले मेरे द्वार पधारो
भव से मुझे पार प्रभु आप ही उतारो
ज्ञान के दाता मुझ पर दया करो देवा
आपके ही चरणों की रोज करुं सेवा
सबसे पहले प्रभू आपकी होतीहै पूजा
आप जैसा दाता नहीं दुनिया में दूजा
सबसे पहले आपका ध्यान धरुं देवा
आपके ही चरणों की रोज करुं सेवा
तन पर सिंदूरी चोला आपके बिराजे
आपका ही रुप प्रभू मेरे मन को भावे
मूषक सवारी बडी प्यारी लागे देवा
गौरी के गणेश मेरे गजानन देवा
आपके ही चरणो की रोज करुं सेवा
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