एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
कट जायेगी चौरासी प्रभू का सुमिरन करले
एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
ये मानव का चोला हर बार नहीं मिलता
जो गिर गया डालीसे वो फूल नहीं खिलता
नौका इस जीवन का गुलजार तू करले
एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
तू इन कानों से सुन ऋषीयों की वाणी
सुनकर इस वाणी को बनजा आतम ग्यानी
ज़िहवा न हिले मनसे प्रभूका सुमिरन करले
एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
तेरी मैली चादर में हैं दाग लगे इतने
पर ग्यान के साबुन में हैं झाग भरे इतने
उजला तनमन करले प्रभू का सुमिरन करले
एकबार भजन करले मुक्ती का जतन करले
कट जायेगी चौरासी प्रभूका सुमिरन करले
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