पहले आदि गणेश मनाया करो
पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
पहले आदि गणेश मनाया करो
भोले तेरी निराली माया है
कहीं धूप और कहीं छाया है
कहीं जंगल मैं मंगल छाया है
पहिले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
भोले अंग भभूत रमाई है
गले सर्पों की माला पायी है
उमा पार्वती संग जोड़ी बनाई है
पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
भोले जटा में बह रही गंग धारा
जिसने बनाया है सोहना मूर्ति द्वारा
उधर नन्दी है लोकिक जग सारा
पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
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