धन्य तेरी मायानगरी ओ दुनियाके रखवाले
धन्य तेरी मायानगरी ओ दुनियाके रखवाले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
धन्य तेरी मायानगरी ओ दुनियाके रखवाले
जो ध्यान तेरा धरले मन में जगसे मुक्ति पाए
भवसागरसे उसकी नैया तू पलमें पारलगाए
संकटमें भक्तोंको बढ़कर तू भोले आपसंभाले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
है नहीं कोई इस दुनिया में तेरे जैसा बरदानी
नित्य सुमिरन करते नामतेरा संतऋषीज्ञानी
ना जाने किस पर खुश होकर तू क्या दे डाले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
त्रेलोक स्वामी होकर क्या ओगण रुप बनाए
कर में डमरु त्रिशूल लिए नाग गले लिपटाए
तुम त्यागके अमृत पीते प्रेमसे विष के प्याले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
तप खंडित करने कामदेव इंद्रलोक से आया
साधके अपना कामवाण तुमपर वो चलाया
तबखोल तीसरानयन भसमउसको करडाले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
अब दृष्टी दयाकी भक्तों पर डमरुधर करदेना
हमसब भक्तों की झोली गौरीशंकर भर देना
अपनाही सेवक जान हमें चरणों में अपनाले
शिव शंकर डमरु वाले शिवशंकर भोले भाले
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