करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे
करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे
तेरी कृपा से श्यामा चलती सारी सृष्टी
सदियों से रो रही हूं डालो कृपा की द्रष्टी
उद्धार और पतन है सब हाथ में तुम्हारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
रसिकों के झुरमुटों में मुझे छुपालो राधे
चेतन की चाह नहीं जड़ ही बना दो राधे
जी भर परख लिए हैं संसार के सहारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
इतने गुनाह किए हैं मेरे होंठ सिल गए हैं
फिर भी करम है तेरे साथ मिल गए हैं
हरि दासी रो रही है दोनों ये भुजा पसारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे
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