करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे

by - January 20, 2020

करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे

तेरी कृपा से श्यामा चलती सारी सृष्टी
सदियों से रो रही हूं डालो कृपा की द्रष्टी
उद्धार और पतन है सब हाथ में तुम्हारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे

रसिकों के झुरमुटों में मुझे छुपालो राधे
चेतन की चाह नहीं जड़ ही बना दो राधे
जी भर परख लिए हैं संसार के सहारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे

इतने गुनाह किए हैं मेरे होंठ सिल गए हैं
फिर भी करम है तेरे साथ मिल गए हैं
हरि दासी रो रही है दोनों ये भुजा पसारे
बड़ी आस लेके आई दरबार में तुम्हारे
करदो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे


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