सबका एक सहारा मुरली वाला
सबका एक सहारा मुरली वाला
कष्ट हरे जग का नन्द लाला
तूने ही श्याम रचा यह संसार है
मोहन तेरी लीला अपरमपार है
गोकुल जाकर मोहन कभी मथुरा में पुकारा
महारास है रचाया कहां वास है तुम्हारा
मन चाहता है मोहन मन में तुझे बसालें
चरणों की धूल तेरी माथे पे हम लगालें
करदे उद्धार मेरा तू जग का पालनहार है
तूने ही श्याम रचा यह संसार है
लीला रचाई तूने बनके गैयों का रखवाला
गीता में दिया है हमें ज्ञान का उजाला
तन मन से जो भी एकबार तेरा हो गया
तेरी दया से वो भव से पार हो गया
तू ही तो है गिरधर सबका आधार है
तूने ही श्याम रचा यह संसार है
मोहन तेरी लीला अपरमपार है
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