हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरज हमारी

by - January 20, 2020

हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरज हमारी
भवसागर पार उतारो आए शरण तुम्हारी
हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरज हमारी

चंद्र ललाट भभूत रमाए कटि वाघम्बर धारी
कर में डमरु गले भुजंगा नंदी ठाडो द्वारे
हे गंगाधर दरश दिखा दो हे भोले भंडारी
हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरज हमारी

जन्ममरण के तुम स्वामी हेशंकर अविनाशी
कण-कण में है रुप तुम्हारा हे भोले कैलाशी
चरण शरण में आया रखियो लाज हमारी
हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरज हमारी

हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरजहमारी
भवसागर पार उतारो आए शरण तुम्हारी
हेशिवशंकर करुणाकर सुनिए अरजहमारी


You May Also Like

0 comments

Contact Form

Name

Email *

Message *