ब्रज की महिमा को कहे को बरने बृजधाम
ब्रज की महिमा को कहे को वरने बृजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
ब्रज की महिमा को कहे को बरने बृजधाम
बृज रज जाकू मिल गई बाकी चाह न शेष
ब्रजकी चाहत में रहे ब्रह्मा विष्णु और महेश
ब्रज की महिमा को कहे को बरने ब्रजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
ब्रज के रस कू जो चखे चखे न दूसर स्वाद
एक बार राधे कहे तो रहे न कछु और याद
ब्रज की महिमा को कहे को बरने ब्रजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
जिनके रग-रग में बसे श्री राधे और श्याम
ऐसे बड़भागिनि कू शत-शत नमन प्रणाम
ब्रज की महिमा को कहे को बरने ब्रजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
राधा नाम पुकारो बाधा सब मिट जाएगी
मन की डोरी प्यारे वृंदावन तक जाएगी
ब्रज की महिमा को कहे को बरने ब्रजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
कर जोरि बंदन करूं नित-नित करु प्रणाम
रसना से गाता रहूं श्री राधा राधा नाम
ब्रज की महिमा को कहे को वरने ब्रजधाम
जहां बसत हर सांस में श्रीराधे और श्याम
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