जीवन की घड़ियां वृथा ना खो
जीवन की घड़ियां वृथा ना खो
तेरा ये जीवन फिर हो ना हो
जीवन की घड़ियां वृथा ना खो
ओम ही सुख का सार है
ओम ही प्राण आधार है
निसदिन मन में उसको जपो
ओम जपो हरिओम जपो
साथी बनाले तू ओम को
मन में बिठाले ओम को
चादर लंबी तान ना सो
ओम जपो हरिओम जपो
घट में हरी को पहचान ले
सांसों की कीमत जानले
नर तन पाना फिर हो ना हो
ओम जपो हरिओम जपो
जीवन की घड़ियां वृथा ना खो
तेरा ये जीवन फिर हो ना हो
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