तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया

by - January 19, 2020

तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया
कर लो सबसे प्यार जगत में कोई नहीं पराया
तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया

एक बाग के फूल हैं हमसब एक माला के मोती
जितने हैं संसार में प्राणी सबमें एक ही ज्योती
एकही शक्ति है कणकण में सबमें उसकी छाया
तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया

ऊंच-नीच और भेदभाव की दीवारों को तोड़ो
बदला जमाना तुमभी बदलो बुरी आदतें छोड़ो
जागो और जगाओ सबको समय ऐसा आया
तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया

एक पिता के बच्चे हैं हम एक हमारी माता
दाना पानी देने वाला एक ही हमारा दाता
ना जाने किस मूरख ने है लड़ना हमें सिखाया
तुझमें ओम मुझमें ओम सबमें ओम समाया
करलो सबसे प्यार जगत में कोई नहीं पराया


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