हे अंजनी पुत्र हे मारुती नंदन

by - January 19, 2020

हे अंजनी पुत्र हे मारुती नंदन
इतनी विनती मेरी स्वीकार करो
इस मन मंदिर में बस जाओ
मुझ निर्बल का उद्धार करो

मैंने तो सुना है हे हनुमंत
तुम दुखियों के दुख हरता हो
आ जाए कोई जो तुम्हारी शरण
बन जाते तुम सुख करता हो
दुख के इस जीवन सागर से
मेरी डगमग नैया भी पार करो
हे अंजनी पुत्र हे मारुति नंदन

तुम एक उदाहरण हो जग में
श्रीराम की सच्ची भक्ति का
आशीष मुझे भी दे दो प्रभु
सच्ची सेवा की शक्ति का
मैं आपका सेवक बन पाऊँ
मेरा सपना यह साकार करो
हे अंजनी पुत्र हे मारुती नंदन

भक्तों की बिगड़ी बनाने को
तुम पवन वेग से चलते हो
वेदो में लिखा और पढ़ा मैंने
तुम रुप अनेक बदलते हो
मेरे रोम रोम में जो बस जाए
वह अपना रुप स्वीकार करो
हे अंजनी पुत्र हे मारुती नंदन

हे पवनपुत्र हे केसरी नंदन
तुम ही जग के रखवारे हो
तुम अजर- अमर बलसाली हो
सिया राम लखन के प्यारे हो
श्रीराम से आशीष लेले कर
मुझ पर उसकी बौछार करो
हे अंजनी पुत्र हे मारुती नंदन
इतनी विनती मेरी सवीकार करो


You May Also Like

0 comments

Contact Form

Name

Email *

Message *