अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया

by - January 19, 2020

अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया
गजब का खेल रचाया सबसे बड़ाहै तेरा नाम
अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया

अदभुत है संसार यहां पर कई भूलेखे हैं
तरह तरह के खेल जगत में हमने देखे हैं
तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं
तू लिखने वाला है यह सब तेरे लेखे हैं
अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया

परब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे
सब तेरे बालक हैं क्या अपने क्या बेगाने रे
तू अंतर्यामी प्रभु सबकी पीड़ा पहचाने रे
सबके ही हृदय में बैठा घट घट की जाने रे
अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया

हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है
तन पे तूने भस्म रमा के अलख जगाया है
कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पर छाया है
तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है
अजब है तेरी माया इसे कोई समझ न पाया


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