तू राम भजन कर प्राणी
तू राम भजन कर प्राणी
तेरी दो दिन की जिंदगानी
तू राम भजन कर प्राणी
काया माया बादल छाया
मूरख मन काहे भरमाया
उड़ जायेगा सांस का पंछी
फिर क्या है आनी जानी
तू राम भजन कर प्राणी
जिसने राम नाम गुण गाया
उसको लगे न दुख की छाया
निर्धन का धन राम नाम है
मैं तो हूँ बस राम दीवानी
तू राम भजन कर प्राणी
सजन सनेही सुख के संगी
दुनिया की है चाल दुरंगी
नाच रहा है काल शीश पे
चेत चेत अब तो अभिमानी
तू राम भजन कर प्राणी
तेरी दो दिन की जिंदगानी
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