तेरी आंख के तारे करोड़ों मां
तेरी आंख के तारे करोड़ों मां
मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा
मुझे खाली ना दर से मोड़ो
मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा
मुझे आस थी जिन हाथों से
वो एक - एक करके चले गए
मैंने फूलों से जिनकी भरदी डगर
वो कांटों से भरकर चले गए
अब तुम तो ना मुझको छोड़ो
मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा
तू कडुवे नीम के पत्तों में
शहद अनोखा भर देती है
तेरा तीनो लोक में राज है माँ
तू रंकों को राजा कर देती है
अब मेरा यूं ना दिल तोड़ो
तेरी आंख के तारे करोड़ों माँ
तेरी दया का दीपक जलते ही
तूफान में दीपक जल जाएगा
तेरा जरा सा हाथ हिलाने में
मेरा बेड़ा किनारे लग जाएगा
मेरी आश का दर्पण जोड़ों माँ
मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा
तेरी आँख के तारे करोड़ों माँ
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