झुक झुक चलने में नहीं कोई नुकसान है

by - January 19, 2020

झुक झुक चलने में नहीं कोई नुकसान है
झूठा तेरा अभिमानहै झूठा तेरा अभिमान है
झुक झुक चलने में नहीं कोई नुकसान है

तेरे जैसे कितने ही दुनिया में हो गए
नाच कूद करके जो मां की गोद सो गए
आखिर तेरा निवास स्थान शमशान है
झूठा तेरा अभिमानहै झूठा तेरा अभिमान है

एक स्वांस का विश्वास जहां है नहीं
फूटी कौड़ी का भी निवास जहां है नहीं
काहे मुख अपनी अलाप रहा बखान है
झूठा तेरा अभिमानहै झूठा तेरा अभिमान है

माया मोह में तेरी नजर सटी हुई
गिर रहे हैं मोती तेरी झोली है फटी हुई
मोतियों का लाभ लेने में ही तेरी शान है
झूठा तेरा अभिमानहै झूठा तेरा अभिमान है

जाने में मजा है जोकि जाना तुझे आ गया
आगे जाने का भी रहस्य जो तू पा गया
मोक्ष को दिलाने वाला पंथ ये महान है
झूठा तेरा अभिमानहै झूठा तेरा अभिमान है


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