दुख का बादल जब जब मुझ पर छाया

by - January 18, 2020

दुख का बादल जब जब मुझ पर छाया
पवनवेग से उडकर मेरा हनुमत आया
दुख का बादल जब जब मुझ पर छाया

जब जब संकट आया है
मैंने इसको सामने पाया है
दुनिया ने सारे रिश्ते तोड़े
इसने साथ निभाया है
जब जब संकट आया है

स्वारथ के इस संसार में
बस यही एक सहारा है
भक्त तेरा तो यह कहता
हनुमत तू ही हमारा है
जब जब संकट आया है

इसका सच्चा दरबार है
इसकी दया अपार है
इसकी रहमत से चलता
मेरा घर ये संसार है
जब जब संकट आया है
मेरा हनुमत सामने आया है


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