लगन लगी दर्शन की करदो पूरी मन की

by - January 18, 2020

लगन लगी दर्शन की करदो पूरी मन की
आस जगी दर्शन की करदो पूरी मन की
लगन लगी दर्शन की करदो पूरी मन की
शिव शंकर के राज दुलारे
मां गिरिजा की आंखों के तारे
मुझे चाह नहीं है धन की
आश लगी दरशन की ....

ना मैं चाहूं महल अटरिया
तुमरे दरस को तरसे नजरिया
प्यास बुझादो इन नैनन की
आस लगी दरशन की ......

रिद्धि सिद्धि के तुम हो दाता
जोड़ लिया मैंने तुमसे नाता
कृपा हो जाए भगवन की
आस लगी दरशन की........

ज्ञान उजागर गुण के सागर
करुणा भरी छलकादो गागर
ज्योति जगा दो जीवन की
आस लगी दरशन की......

जिसने तुम्हारे रुप को देखा
मिट गई उसके पाप की रेखा
दासी बना लो चरणन की
आस लगी दरशन की......

सोया हुआ मेरा भाग्य जगा दो
उजड़ी हुई मेरी दुनिया बसा दो
सुनलो दाता मुझ निर्धन की
आस लगी मुझे दरशन की
कर दो पूरी मेरे मन की


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