एक राम नाम सच्चा सुंदर
एक राम नाम सच्चा सुंदर
धन वैभव राम रचित माया
माया छोड़ो एक राम सुमिर
भव -पार पार करो मेरे भाया
जिस मन में राम का नाम नहीं
वह निर्धन है तन मन काया
उस नर का काम तमाम समझ
जो राम के काम नहीं आया
पालक है राम नाम सच्चा
सच्चा एक राम ही रखवाला
दुनिया के ताप से बचने को
पियो राम नाम रस का प्याला
है राम नाम खुद परम ब्रह्म
पर ब्रह्म राम की ही माया
क्यों भागे इधर- उधर योगी
बस भज ले राम नाम भाया
यह नाम गहरा जल सा
डूबा जो कभी न उतराया
निर्मल जल स्वच्छ सरोवर सा
पर सदा समंदर सा पाया
है राम नाम तरुवर विशाल
है शीतल सी इसकी छाया
घनी छांव में जो इसके बैठा
उसे ताप शाप ना छू पाया
योगी जब राम का भक्त बना
आनंद उमंग का रस पाया
तुम भी श्रीराम के मंत्र जपो
यह मंत्र सनातन आजमाया
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