मेरी नैया पड़ी है मझधार
मेरी नैया पड़ी है मझधार
प्रभु इसे पार लगा देना
तेरी माला जपूँ दिन- रात
प्रभु इसे पार लगा देना
मेरी नाव नहीं है नामी
ना जानी है डोर लगानी
कहीं डूब न जाए मझधार
प्रभु इसे पार लगा देना
मेरी नैया पड़ी है मझधार
मेरी नाव है बहुत पुरानी
डूबने की है इसकी कहानी
फिर डूब न जाए इस बार
प्रभु इसे पार लगा देना
मेरी नैया पड़ी है मझधार
तुम जानो प्रभु घट घट की
मेरी नैया बीच भंवर अटकी
अब दूजो नहीं है आधार
प्रभु इसे पार लगा देना
मेरी नैया पड़ी है मझधार
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