तेरे तनमें राम तेरे मनमें राम रोम रोम में रामरे

by - January 20, 2020

तेरे तनमें राम तेरे मनमें राम रोम रोम में रामरे
राम सुमिरले ध्यानलगाले छोड़जगतके कामरे
तेरे तन में राम तेरे मनमें राम रोमरोम में रामरे

माया में तू उलझा उलझा दर-दर घूम आए
अबक्यों करता मनभारी जबमाया साथछुड़ाए
दिन तो बीता दौड़-धूप में ढल न जाए शामरे
राम सुमिरले ध्यान लगाले छोड़जगतके कामरे

तन के भीतर पांच लुटेरे डाल रहे हैं डेरा
काम क्रोध मद लोभ मोह ने तुझको कैसा घेरा
भूल गया तू राम रतन और पूजा का काम रे
राम सुमिरले ध्यानलगाले छोड़ जगतके कामरे

बचपन बीता खेल खेल में भरी जवानी सोया
देख बुढ़ापा क्यों सोचे क्या पाया क्या खोया
देर नहीं है अब भी बंदे ले ले उसका नाम रे
राम सुमिरले ध्यानलगाले छोड़जगतके कामरे

तेरे तनमें राम तेरे मनमें राम रोम रोम में रामरे


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