जरा तो इतना बतादो भगवन
जरा तो इतना बतादो भगवन
लगन यह कैसी लगा रहे हो
मुझी में रहकर मुझी से अपनी
यह खोज कैसी कर रहे हो
जरा तो इतना बतादो भगवन
हृदय में तुम हो तुम्ही हो बंधन
प्रेम भी तुम हो तुम्ही हो चितवन
पुकारता दिल तुम्हीं को हर दम
तुम ही मन में मेरे समा रहे हो
जरा तो इतना बतादो भगवन
प्राण तुम ही तुम्ही हो प्रियतम
नयन भी तुम हो तुम्ही हो मधुबन
तुम्हें पुकारूं तुम्हीं को ढूंढू
अजब यह लीला करा रहे हो
जरा तो इतना बतादो भगवन
भाव भी तुम हो तुम्हीं हो वंदना
गीत भी तुम हो तुम्ही हो रचना
श्रुति तुम्हारी तुम्हें सुनाऊं मैं
यह कैसी पूजा करा रहे हो
जरा तो इतना बतादो भगवन
कर्म भी तुम हो तुम्ही हो करता
धर्म भी तुम हो तुम्ही हो भरता
निमित्त कारण मुझे बना कर
यह नाच कैसा नचा रहे हो
जरा तो इतना बतादो भगवन
लगन यह कैसी लगा रहे हो
0 comments