भजन के दिन दो-चार रे भजन के दिन दो चार
भजन के दिन दो-चार रे भजन के दिन दो चार
जनम मरण तू सुधार रे भजन के दिन दो चार
भजन के दिन दो चार रे भजन के दिन दो चार
वाणी से हरि नाम ले हाथों से तू दान दे
कानोंसे सुन महिमा प्रभुकी नैनोंसे रूप निहार
भजन के दिन दो चार रे भजन के दिन दो चार
कोई रोता गाता है कोई जाता कोई आता है
आवागमन मिटाने को तू निसदिन प्रभु पुकार
भजन के दिन दो चार रे भजनके दिन दो चार
दूज का चंद्र भया बढ़ कर पूरण चंद्र हुआ
कलीफूल होकर यूं बोली घनघन सृजनहार रे
भजन के दिन दो चार रे भजन के दिन दो चार
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