मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
मिल जाएगी खाक में एक दिन य़े तेरी शान
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
मीठीमीठी वाणी बोल तू बोल कभी ना झूठ
अंत समय जब आएगा नहीं मिलेगी छूट
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
यह संसार समंदर है जिसका तेज बहाव
तेरी क्या औकात है तू कागज की नाव
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
भरे खजाने जिनके थे कहलाते थे महाराज
बुरे समयने उनको भी बना दिया मोहताज
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
सोने को बनवाए तू सुन्दर नरम बिछौना
लेकिन तुझको एकदिन माटी अंदरहै सोना
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
संग ना कुछ ले जाएगा जब निकलेंगे प्राण
मालिक के घर जानेका करले कुछ सामान
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
मुक्ति मिलेगी पाप से कर भक्ति में ध्यान
भक्ति भाव से ही तुझे मिलेगा आनंद ज्ञान
मत कर अभिमान बंदे मत कर अभिमान
मिल जाएगी खाकमें एकदिन ये तेरी शान
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