कथा सुनाऊं सबको पवनपुत्र बलवान की
कथा सुनाऊं सबको पवनपुत्र बलवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान की
कथा सुनाऊं सबको पवनपुत्र बलवान की
पवन पुत्र बजरंगबली लाल लंगोटे वाला
सिया राम का परम भक्त जपे राम की माला
राम नाम की धुन में रहता हरदम वो मतवाला
कौन बिगाड़ सके जगमें जिसका वो रखवाला
जिसके मन में बसी मूरत श्री भगवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान की
एक समय बजरंगबली के पास शनि जी आए
कहने लगे मुझे रहने की आप जगह बतलाएं
हनुमान ने कहा क्या जग में ठौर नहीं पाए
जो मेरी भक्ति में यहां विघ्न डालने आए
शनि देव समझाए ये बातें हैं प्रभु विधान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान की
मन में किया विचार लगाया प्रभु का ध्यान
कैसे टाल सकूं इसको जब है ये प्रभु विधान
शनि देव बोले कहां बैठूं आप जगह बतलाएं
हंसकर बोले हनुमान मेरे सिर पर बैठ जाएं
शनिदेव मुस्काए सुन बातें राम दिवान की
जय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान की
शनि देव जब सिर पर बैठे हनुमान मुस्काए
जाकर उत्तराखंड से पहाड़ उठाकर ले लाए
रखा अपने सिर के ऊपर शनि देव घबराए
किसके पाले पड़ा अब कैसे छुटकारा पाएं
आया मैं खुशहोकर मुश्किल पड़गई जान की
जय बोलो हनुमान की जयबोलो हनुमान की
नारदजी के कहने से मैं लेन परीक्षा आया
ऐसी भक्ति और शक्ति का भेद नहीं था पाया
खुश होकर कहताहूं मैं अब शनिवार भी तेरा
तेरे भक्त को कष्ट न दूंगा इतना वचन है मेरा
घरघर में पूजा होती अंजनी सुत वलवान की
जय बोलो हनुमान की जयबोलो हनुमान की
शनिदेव और हनुमान को नारदजी मिलवाए
सबने मिलकर रामनाम महिमा के गुण गाए
मैं कहता हूं हनुमानका जोकोई ध्यान लगावे
मन की इच्छा पूर्ण होवे जीवनभर सुख पावे
हरदम दया रहे उस पर दया निधान की
जयबोलो हनुमान की जयबोलो हनुमान की
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