मेरी शेरावाली मैया तू जग की रचैया

by - January 18, 2020

मेरी शेरावाली मैया तू जग की रचैया
जबभी तुमको पुकारा भवसागर से तूने तारा
मेरी शेरावाली मैया तू जग की रचैया

पर्वतों में युगों से है ज्योत तेरी जलती
चरणों को धोती हुई गंगा भी है बहती
राजा हो चाहे रंक पाया सबने ही सहारा
भवसागर से तूने है तारा -- तूने है तारा

रोज ही करोड़ों यहां आते हैं सवाली
सबकी तुम्ही तो मैया करती हो रखवाली
सबको ही तेरा मां बस एक ही सहारा
भवसागर से तूने है तारा-- तूने है तारा

जिनके सिरों पर तेरी ममता का हाथ मा
दुनिया में चलते वह गर्व के साथ मां
बस एक सच्चा है मां प्यार तुम्हारा
भवसागर से तूने है तारा-- तूने है तारा


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