तीनों लोकों में है सबसे निराला
तीनों लोकों में है सबसे निराला
वह कान्हा मेरे मन बसता
जिसके नाम का है जग में उजाला
वह कान्हा मेरे मन बसता
नील वरण श्याम तन जिसका
वही श्याम मेरे मन बसता
ऐसी सांवरी सलोनी छवि वाला
वह कान्हा मेरे मन बसता
तीनों लोकों में है सबसे निराला
यह बाबा यशोदानंद का छोरा
जानत है री कछू जादू टोना
लूट लिया मेरा मन भोलाभाला
वह कान्हा मेरे मन बसता
तीनो लोकों में है सबसे निराला
तन मन धन सब कुछ तुझ पर
अर्पण ये जीवन अपना मनमोहन
जिसके नाम की जपे माला
वह कान्हा मेरे मन बसता
तीनों लोकों में है सबसे निराला
वह कान्हा मेरे मन बसता
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