एक फूल गुलाब का लाया हूं श्याम तेरे दरशन के लिए

by - January 19, 2020

बड़ी दूर से चलकर आया हूं
एक फूल गुलाब का लाया हूं
श्याम तेरे दरशन के लिए

ना रोली मोली चावल है
ना धन दौलत की थैली है
दो आंसू बचा कर लाया हूं
पूजा तेरी करने के लिए
बड़ी दूर से चलकर आया हूं
श्याम तेरे दरशनन के लिए

ना रंग महल की अभिलाषा
ना इच्छा सोने चांदी की
तेरी दया की दौलत काफी है
झोली मेरी भरने के लिए
बड़ी दूर से चलकर आया हूं
श्याम तेरे दरशनन के लिए

मेरे श्याम मेरी इच्छा नहीं
अब यहां से वापस जाने की
चरणों में जगह दे दो थोड़ी
मुझे जीवन भर के लिए
बड़ी दूर से चलकर आया हूं
श्याम तेरे दरशनन के लिए


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