मेरे बांके बिहारी सांवरिया
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
मेरे कुंज बिहारी सांवरिया
तेरा जलवा कहां पर नहीं है
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
आंख वालों ने तुमको है देखा
कान वालों ने तुमको सुना है
तेरा दरशन उसी को हुआ है
जिसकी आंखों पर पर्दा नहीं है
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
लोग पीते हैं पी पी के गिरते
हम पीते हैं गिरते नहीं हैं
हम पीते हैं सत्संग का प्याला
यह अंगूरी मदिरा नहीं है
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
सत्संग नशा जल्दी चढ़ता नहीं है
चढ़ जाए तो उतरता नहीं है
लोग जीते हैं दुनिया के डर से
हमें दुनिया की परवाह नहीं है
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
सुबह शाम मैंने तुमको पुकारा
तेरे नाम का लेकर सहारा
तेरे भक्तों ने जब भी पुकारा
तेरे आने में देरी नहीं है
मेरे बांके बिहारी सांवरिया
तेरा जलवा कहां पर नहीं है
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