श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
जीवन तो निर्झर है बंदे भक्ति तो इसका पानी है
श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
तोड़ दे सारे बंधन बंदे कीर्तन में तुम आ जाओ
परमानंद मिलेगा डुबकी तो जरा लगा जाओ
भजते भजते नाम प्रभु का तर गए लाखों प्राणी
श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
माना घरकी जिम्मेदारी हमको आज निभानी है
ये भी अपना फर्ज है प्यारे वेदों ने भी बखानी है
ऐसे रहे हम जैसे रहता कमल पात पर पानी है
श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
तेरी मेरी करते करते मन अपना कंगाल हुआ
क्या लेके धरती से आया यम पूछे सवाल वहां
लख चौरासी भटकभटक मानस काया पानी है
श्याम का ध्यान लगाले दो दिन की जिंदगानी है
जीवन तो निर्झर है बंदे भक्ति तो इसका पानी है
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