सीस जटा में गंग विराजे
सीस जटा में गंग विराजे
गले में विषधर काले
डमरू वाले ओ डमरू वाले
तूने लाखों की बिगड़ी बनाई
अपने अंग भभूत रमाई
जो भी तेरा ध्यान लगाए
उसको सब कुछ तू दे डाले
डमरू वाले ओ डमरू वाले
नित अंग पर भस्मी लगाए
जाने किसका तू ध्यान लगाए
रहते हो अलमस्त ध्यान में
पी पी कर भंग के प्याले
डमरू वाले ओ डमरू वाले
सब देवो ने अमृत पाया
तुम्हें जहर हलाहल भाया
महल अटारी सबको बांटे
तुम तो हो मरघट वाले
डमरू वाले ओ डमरू वाले
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