किशोरीजी मेरा कर दो बेड़ा पार
बरसाने मे बिराजे कीरत राजदुलार
किशोरीजी मेरा कर दो बेड़ा पार
बरसाने मे बिराजे कीरत राजदुलार
कोमल चित दीन हितकारी
स्वर्ण सिंहासन राजत प्यारी
कृष्ण चंद्र की प्राणन प्यारी
करो कृपा हे बृषभान दुलारी
राधे दरशन दे दो एक बार
किशोरीजी मेरा करदो बेड़ा पार
मन में लेकर चाह घनेरी
नगर नगर की करती फेरी
राधा राधा कह कर टेरी
बहुत हुई अब क्यों करो देरी
तोड़के सारे बंधन आई तेरे द्वार
किशोरीजी मेरा करदो बेड़ा पार
तेरे नाम में हो अनुरक्ति
उर में भरदो अपनी शक्ति
नहीं चाहती अपनी मुक्ति
चरण कमल में मांगू भक्ति
बरसाने वारी आई मैं तेरे द्वार
किशोरीजी मेरा करदो बेड़ा पार
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