यह जगत है बड़ा दुखदाई सुख की आस तजो मेरे भाई

by - January 18, 2020

यह जगत है बड़ा दुखदाई
सुख की आस तजो मेरे भाई
यह जगत है बड़ा दुखदाई

झूठे रिश्ते झूठे नाते हैं
यहां किसका कौन हुआ है
कब बाजी उल्टी पड़ जाए
यह जीवन एक जुआ है
परछाई भी होती यहां पराई
सुख की आस तजो मेरे भाई

दुनिया दिखती नयी है
लेकिन खेल पुराने चलते
दोहराता इतिहास स्वयं को
यहाँ केवल पात्र बदलते
बस रीत यही चली आई
सुख की आस तजो मेरे भाई

जग से झूठी आशा तजके
तुम राम भरोसे रह लो
मन को मोहन का बनाकर
यारी बस उसी से कर लो
श्रीराम चरण अति सुखदाई
यह जगत बड़ा दुखदाई
सुख की आश तजो मेरे भाई


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