तुम दयालु दीनबंधु हो
तुम दयालु दीनबंधु हो
तुम दानी मैं भिखारी
मैं हूं प्रसिद्ध पातकि
शिवजी तुम पाप पूंजहारी
तुम अनाथ के हो नाथ
अनाथ कौन मुझ सा
मुझ समान आरत नहीं
न आरति हर तुझसा
तुम दयालु दीनबंधु हो
ब्रह्म तू ही जीव तू ही
तू ही है ठाकुर मेरो
तात मातु गुरू सखा
तू ही विधाता मेरो
तुम दयालु दीनबंधु हो
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