त्रिय नेत्रधारी भोले बड़े भोले भाले हैं
शिव शंकर करुणा का सार है
शिव शंकर करते सबका उद्धार हैं
शिव शंकर भोले दयानिधान है
जग मे इनकी निराली शान है
शीश पे शशि धारे गले बिष ब्याल डारे
नीलकंठ महादेव सबसे निराले हैं
जटा बिच गंग सोहे बिष अंगअंग सोहे
त्रिय नेत्रधारी भोले बड़े भोले भाले हैं
पान करें गांजा भंग रहे गौरा रानी संग
आदि देव महादेव बड़े मतवाले हैं
भक्ति से हो प्रसन्न तन मन अन्न धन
बिना सोचे समझे वरदान देने वाले हैं
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