मेरा कोई न सहारा बिन तेरे ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे
तुम हो दीनबंधु हितकारी
मैं आया शरण तिहारी
काटो जनम जनम के फेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
दिन रात चैन नहीं आवे
मुझे तेरी याद सतावे
जग देख लिया बहुतेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
तेरे बिन मेरा कौन यहां
तुम्हें छोड़ कर जाऊं कहां
मैं तो आन पड़ा दर तेरे
ओ घनश्यामय सांवरिया मेरे
मैंने जन्म लिया जग में आया
तेरी कृपा से नर तन पाया
तूने किए उपकार वहुतेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
मेरे नैना कबसे तरस रहे
सावन भादो से बरस रहे
अब छाए घनघोर अंधेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
हरि आ जाओ हरि आ जाओ
अब और न मुझको तड़पाओ
काटो जनम मरण के फेरे
ओ घनश्याम सांवरिया मेरे
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