राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय

by - January 19, 2020

राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय
जैसी करनी वैसी भरनी तस काटे जस बोय
राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय

राम बिसारे का फल संसृति मन गति क्यों रोए
रामभगत महिमा अमित है अद्भुत अचरज होय
राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय

विष का प्याला राणा भेजा पीवत अमृत होय
कितने पाषाण समुद्र त्तराए एक छू नारी होए
राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय

गणिका अजामिल पातकी की दुर्लभ गति होय
भगत खातिर मुरली तज के कृष्ण धनुर्धर होय
राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय

भावबस शरणागत वत्सल नहीं राम सम कोय
सोई जाने जेहि राम जनाबे कृपा दृष्टि जब होय
राम की लीला राम ही जाने और न जाने कोय


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