हमें भक्ति दो मां हमें शक्ति दो मां
हमें भक्ति दो मां हमें शक्ति दो मां
सतत साधना की तपन मांगते हैं
ना धन धाम कुछ आपसे मांगते मां
विमल ज्ञान की एक किरण मांगते हैं
हृदय सदभावना के प्यार से भरे हो
लगे दीन की पीर बनकर छलकने
द्रवित हो उठे बांटने दीन का दुख
लगे अश्रु बनकर नयन में मचलने
नहीं कामना नहीं वासना चाहिए मां
सतत साधना का वरण मांगते हैं
नहीं स्वर्ग की सिद्धि की कामना मां
नहीं मुक्ति की कर रहे याचना मां
नहीं पद प्रतिष्ठा न यश चाहिए मां
नहीं स्वर्ग की कर रहे कामना मा
अहम को मिटाकर करें प्रेम सबको
विमल भक्ति का वरदान मांगते हैं
चले लोक मंगल पथ पर सदा ही
करें हम लोक सेवा निष्काम होकर
जुटे युग सृजन में समय श्रम लगाकर
सिर्जन चेतना का प्रखर प्रण लेकर
महा काल के काम में हो समर्पित
इसी हेतु जीवन मरण मांगते हैं
हमें भक्ति दो मां हमें शक्ति दो मां
सतत साधना की तपन मांगते हैं
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