एक ही नाम जपो सुबह और शाम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम
राम राम राम बोलो राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम
कौशल्या प्यारे राम दशरथ राजदुलारे राम
धन्य है अयोध्या धाम बोलो राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम......
शिव धनुष तोड़के जब सीताजी के मन भाए
तब सीता को बर लाए बोलो राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम.......
पितुआज्ञा सिर धरके सुखत्यागे राजमहलके
वन की ओर कियो प्रस्थान राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम........
छलसे सीता हरने ब्राह्मण वेश धरा रावण ने
बहुत ही दुख पायो सियाराम बोलो रामराम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम.......
संकटमोचन हनुमानले मुद्रिका कियोप्रस्थान
मां को देखकियो प्रणाम बोलो राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम.......
वन उपवन उखाड़ आग लगादी पूछ घुमाय
लंका में छाया कोहराम बोलो राम राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम......
अंत समय रावण बोला मुक्त करो हे श्रीराम
मुख से बोला जय श्रीराम बोलो राम राम
एक ही नाम जपो सुबह और शाम......
राम राम राम बोलो राम राम राम
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