राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
यही नाम तारणहारी जीवन का है सार
राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
झूठे सारे जग के नाते
कैसे जग बंधन को काटे
एक है सच्चा नाता जग में
सब अर्पण उसके चरणन में
राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
यही नाम तारणहारी जीवन का है सार
तेरे नाम की महिमा भारी
मीरा भई मोहन मतवारी
तेरा नाम लिया जग ने जब
तुम आए मुरलीधर गिरधारी
राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
यही नाम तारणहारी जीवन का है सार
मन मंदिर अंतर में मूरत
नैनन में हर पल तेरी सूरत
ये तन तेरी महिमा गाए
मेरे स्वर में तू राम रमाए
राम नाम जपले रे मनवा होगा बेड़ा पार
यही नाम तारणहारी जीवन का है सार
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