मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
क्यों हो गया है मुझसे तू दूर सांवरे
मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
तेरी गलियों में मेरा आना जाना रहे
हर पल पल तेरा प्यार पाना रहे
तेरी गलियों में होऊ मशहूर सांवरे
मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
इन नैनो की तृष्णा मिटा दो हरी
मुझे राधा संग दर्शन दिखा दो हरी
मिल जाए मेरे दिल को सरूर सांवरे
मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
भाव लिख लिख श्याम मैं सुनाता रहूं
प्रेम भरे स्वर से तुझको रिझाता रहूं
तुम आना मेरे घर पर जरूर सांवरे
मत कर इतना मुझको मजबूर सांवरे
तेरे नैनो का अमृत मै हरपल पियूं
चाहे मर जाऊं चाहे तेरे दर पे जियूं
तेरे भगत के होवे गम दूर सांवरे
मतकर इतना मुझको मजबूर सांवरे
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